क्यो आते हैं ये हर बार ?
फ़िर सुबह हुई ,फ़िर शाम आएगी ,फ़िर होगी रात,फ़िर सुबह .................न जाने कितने युगों से यह क्रम इसी तरह चल रहा हैं ,सुबह- शाम -रात ...युग बदले,लोग बदले,रहन सहन के तरीके बदले। न जाने कितने ही लोगो ने जन्म लिया और फ़िर इस दुनिया को अलविदा कहके चले गए...
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डॉ.राधिका उमडे़कर बुधकर
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[25 Aug 2009 03:00 AM]



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