याद जो तेरी आई बहना !!

अरे बिरादर !! कि‍तने सावन बीते,कुछ याद नहीं, मि‍ला नहीं अबतक,अवसाद यही!बरबस ऑंखे भर आई है, बहना जो तू याद आई है! ठीक है कि जिंदगी लंबी नहीं, बड़ी होनी चाहि‍ए! पर जीने के लि‍ए उनमें रि‍श्तों की कड़ी होनी चाहि‍ए।.........ये कड़ी तू थी बहना!जब तू नन्हीं थी, न्यारी थीगोद... [पूरी पोस्ट]
writer जितेन्द़ भगत

बस यादें रह जाती हैं

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[05 Aug 2009 11:13 AM]

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