जन्माष्टमी की शुभकामनाएं
जब जनम हुआ इस नटखट का | तब जहां पूरा खिलखिलाया || इसके चंचल बचपन में |पूरा गोकुल भरमाया || मीरा राधा खो गयी |ऐसी प्रीत लगाई || हर बुराई का नाश किया |दुनिया को सीख सिखाई || तुम चंचल, प्यारे, निडर बनो |बस यही गीता का सार || मुबारक हो आपको जन्माष्टमी का...
[पूरी पोस्ट]
Pratik Maheshwari
मेरी कविताएँ....
13
0
0
0
0
[14 Aug 2009 07:35 AM]



Shuffle








