एक वर्ष, पचास पोस्ट और टिप्पणियाँ जो धरोहर बन गयीं...
मुझे लगा कि अपने ब्लौग-जगत का रिवाज है ये, तो सोचा कि मैं भी घोषणा कर देता हूँ। एक साल पहले इसी दिन अपना पहला पोस्ट लिखा था...तो "पाल ले इक रोग नादां..." का एक साल पूरा हुआ और ये पचासवीं पोस्ट ठीक एक साल बाद। बुरा नहीं है न? अपनी तमाम व्यस्ताओं में पचास...
[पूरी पोस्ट]
गौतम राजरिशी
एक ब्लौगर की डायरी से...
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[07 Oct 2009 06:54 AM]



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