ये तेरा यूं मचलना क्या...
इधर वादी में सर्दी की सुगबुगाहट शुरू हो गयी है और साथ ही बढ़ गयी है हमारी व्यस्तता। एक बार बर्फ गिरनी शुरू हो जाने पर, एक तो मेहमानों का आना कम हो जायेगा और दूसरे जो रहे-सहे आयेंगे भी तो उनकी आव-भगत में तनिक परेशानी होगी।...तो इसलिये इन दिनों ब्लौग-जगत को...
[पूरी पोस्ट]
गौतम राजरिशी
ग़ज़ल
9
0
0
0
0
[07 Oct 2009 07:02 AM]



Shuffle








