कहानी...सबकी..

कहानी...सबकी.. यादों के ज़ख्म दिखते कहाँ हैं ? ********************** तुम मुझे याद आती हो सावन की तरह भादो की तरह गुजरे हुए मौसम की तरह ************* तुम मुझे याद आती हो दिल की तड़पन की तरह बचपन की तरह ********************* कह दो कि नहीं जायेंगे सावन की तरह भादो की तरह... [पूरी पोस्ट]
writer INDIA UNINTERRUPTED/SABKI KAHANI
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[13 Sep 2009 05:24 AM]

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