जब कश्ती लेकर उतरोगे
"जब कश्ती लेकर उतरोगे "झील के कोरे दामन पे,चन्दा की उजली किरणों सेचाहत का अंश है मैंने लिख डालाथाम के ऊँगली प्रियतम कीदुनिया की नज़रों से छुप करमुझे नभ के पार है उड़ जानातारो को झोली में भर करतेरे प्यार के बहते सागर मेंदूर तलक है तर जानाजब कश्ती लेकर...
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seema gupta
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[16 Aug 2009 21:35 PM]



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