ज से जसवंत ज से जिन्ना
इन दिनों राजनीति और बुद्धिजीवियों के बीच दो 'ज' बेहद महत्वपूर्ण बने हुए हैं। एक ज हैं जसवंत और दूसरे ज हैं जिन्ना। जसवंत और जिन्ना पर राजनीति गर्म है। गर्म तवे पर हर कोई अपने हाथ तापने को बेताव बैठा है। पर हाथ जले नहीं, इसका खास ख्याल रखा जा रहा है।असफोस...
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अंशुमाली रस्तोगी
व्यंग्य
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[19 Aug 2009 06:00 AM]



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