कद्र कीजिए नातों की ( ग़ज़ल )

Snehanchal कद्र कीजिए नातों की,दिल से दिल की बातों की।अक्सर बहुत रुलाती हैं,यादें कुछ आघातों की।सूरज वो जो धो डाले,सारी स्याही रातों की।क्या-क्या रंग दिखाती हैं,चन्द लकीरें हाथों की।देखे ऐसे लोग बहुत,खाते जो बस बातों की। पढ़ो इबारत फुरसत में,अपने दिल के खातों... [पूरी पोस्ट]
writer Hemant Snehi

जज़्बात

views
9
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[22 Aug 2009 07:38 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix