रात की काली चादर, वो घुप अंधेरा और वो कमरा और उसमें टिमटिमाती बत्तियां।

MERE SAPNE MERE APNE जब मेरे दोस्त का फोन आया तो मैं ऑफिस में काम के बीच में फंसा मुस्कुराने की कोशिश कर रहा था। एक ही शहर में, एक ही दफ्तर में होकर भी महीनों हो जाते हैं मिले कुछ दोस्तों से।हाल-चाल जानने के बाद उसने पूछा, ‘कब फ्री होगा और रात में क्या कर रहा है’।‘9 तो बज ही... [पूरी पोस्ट]
writer Nitish Raj

engagement

views
12
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[12 Aug 2009 21:09 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix