एंबुलेंस, ट्रैफिक और जिंदगी की कश्मकश
घर की सोसायटी से निकलते ही कुछ दूरी पर बाएं होते ही ट्रैफिक से सामना हो ही जाता है। रेंगती हुई चलती गाड़ियां ऐसे जैसे कोई अजगर शिकार निगलने के बाद धीर-धीरे रेंग कर किसी सुरक्षित स्थान पर लहराकर जा रहा हो। एनएच की राह पकड़ते-पकड़ते ही कई गाड़ी वाले अपना...
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Nitish Raj
ट्रैफिक
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[10 Sep 2009 06:41 AM]



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