चांद पाने की जिद है जिंदगी!!!
आज फिर दिल ने एक तमन्ना की,आज फिर दिल को हमने समझाया.हमेशा लगता है दिल तमन्नाओं का ढेर है जिसमें उम्मीदें बुदबुदे की तरह अंगड़ाई लेती हैं...और जब पकड़ने की कोशिश करो...हाथ ही नहीं आती। कौन है जो दावा करता हो,कि मैं इसे पकड़ने की कोशिश नहीं करता। क्यों...
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तरूश्री शर्मा
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[30 Jul 2009 02:20 AM]



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