जुगनू भरे रास्ते से एक ख़त
पाँच दिन। पाँच दुनिया। कितना भाग रहा हूँ मैं।पहले दिन द्रास में था, कारगिल से दो घंटे की दूरी पर। १९९९ का युद्धक्षेत्र। दूसरे दिन श्रीनगर में। डल झील के किनारे एक खूबसूरत होटल में असली दुनिया से बहुत दूर। तीसरे दिन दिल्ली वापस, उधार की ज़िन्दगी जीने के...
[पूरी पोस्ट]
Writer At Large
kasauli
6
0
0
0
0
[23 Aug 2009 12:15 PM]



Shuffle








