बङप्पन बचपनाने लग गया

M A D (Make A Difference) चटकती चट्टान,चिल-चिल चमकती चिंगारियाँ,धधकती सी धूप , धूल-धूसरित सी धारियाँ,चिङचिङा सुनसान रस्ता बङबङाने लग गया,ग़र्म मौसम धूल से साज़िश रचाने लग गया,बूँद वाले बारिशी गीले ग़लीचे बिछ गये।फ़र्ज़ में बाँधा बङप्पन बचपनाने लग गया।आँख के मोती छिटककर बूँद बारिश... [पूरी पोस्ट]
writer RUPAK_REWA

कविता

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[16 Aug 2009 17:04 PM]

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