बाबूजी नहीं आएंगे दिल्ली
उमेश चतुर्वेदीदक्षिण पूर्वी मानसून महाराज ने दगा दे दी है। वर्षारानी के इंतजार में आंखें पथरा गईं हैं। कभी-कभार हो रही हल्की फुहारों से ही सब्र करना पड़ रहा है। खेती का काम चौपट हो गया है। लिहाजा इस बार गांव में काम कम ही रह गया है। बारिश की खुशखबरी के...
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उमेश चतुर्वेदी
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[06 Aug 2009 03:58 AM]



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