जब उसका मन भर जाता है

वैतागवाड़ी उसका कोई एक नाम नहीं है। वह किसी एक शहर में नहीं रहती। उसका कोई एक देश नहीं है। वह अपने लिए किसी ब्रह्मा की मोहताज नहीं, वह अपना विधान ख़ुद लिखती है। शिव की ज़रूरत भी नहीं, विष्णु की भी नहीं। वह ख़ुद ही पालती है ख़ुद को और अपनी ही तीसरी आंख के सामने खड़ी... [पूरी पोस्ट]
writer Geet Chaturvedi

the joshua tree

views
5
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[19 Sep 2009 18:10 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix