ग़ज़ल - कौन था अपना पराया कौन था
कौन था अपना पराया कौन थाजो मुझे, मुझ तक ले आया कौन थाजो इशारों में हिदायत दे गयासोचता हूं मैं वो साया कौन थावो खुदा था, वक्त था या आइनारास्ता जिसने दिखाया कौन थावो तसव्वुर था तुम्हारा या थे तुमनींद में जो मेरी आया कौन थामैं दिमागी तौर से था होश मेंफिर ये...
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kavideepakgupta
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[19 Aug 2009 11:00 AM]



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