माडरेशन की प्रतीक्षा में

युं ही, निट्ठल्ला... इस पहेली को हल करने के प्रयास में मुझे एक घटना याद आ गयी, दो दोस्त आपस में उलझे हुये थे, शायद उन्हें कुछ लगी हुई थी । पहले ने कहा, " अगर मैं चाहूँ तो, तुम्हारे ऊपर पेशाब भी कर दूँ और तू भीगेगा भी नहीं !" दूसरा उखड़ गया, " भला ऎसा कैसे हो... [पूरी पोस्ट]
writer डा. अमर कुमार

तलाश है

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[06 Sep 2009 10:18 AM]

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