सच का सामना

कछु ह‍मरी सुनि लीजै झूठ का सामना करते करते उकता गया था सत्‍यवादी राजा हरिश्‍चन्‍द्र का यह देश। झूठ, झूठ और सिर्फ झूठ। देश को सिर्फ झूठ ने घेर रखा था। लोग सच बोलने से डरते थे। बोलते भी थे तो मुलम्‍मेदार सच बोलते थे। गोलमेाल भाषा में गोलमोल प्रश्‍न होते थे और उसके गोलमोल ही... [पूरी पोस्ट]
writer डॉ. कमलकांत बुधकर
views
6
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[29 Jul 2009 09:34 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix