जिन्ना जिनको हैं प्यारे बहुत वे लोग यहाँ क्या करते हैं ?
ग़ज़लसरदार हमें प्यारे हैं बहुत, जो उनको हाथ लगायेंगे.गुजरात के बेटे गुस्ताख़ी उनकी कैसे सह पायेंगे.ज़िन्ना जिनको हैं प्यारे बहुत, वे लोग यहाँ क्या करते हैं ?खायेंगे कहीं का और ढोंगी, फिर गीत कहीं के गायेंगे.दामाद की मानिंद छोड कभी, आये थे पार दरिन्दों...
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डॉ.सुभाष भदौरिया.
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[25 Aug 2009 09:19 AM]



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