भुट्टे की भ्रूणहत्या
दसवीं पास करने के बाद आगे की पढ़ाई के लिए गांव छोड़कर शहर में आया तो मक्के का लावा (जिसे अब पॉप कॉर्न कहा जाने लगा है) ठेले पर बिकता देख अक्सर अचरज होता था कि यह भी कोई बिकने की चीज है। गांवों में तो इसे सबसे अधिक हेय समझा जाता था। हालात ऐसे थे कि मजदूर भी...
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manglam
जरा सोचिए
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[04 Sep 2009 16:08 PM]



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