"मेरी तामीर में ही मुज्बिर है इक सूरत खराबी की "

DIL KI  BAT हमारे घर के ठीक सामने रहने वाले प्रोफेसर साहब कहा करते थे ...आज के ज़माने में पैसा उड़ रहा है .बस उसे पकड़ने की तरकीब आनी चाहिए .....हर आदमी ने अपनी अपनी तरकीब निकाल रखी है ..रोज नयी नयी निकल रही है ...जिंदगी इसी तरकीब में गुजर रही है... आपकी जिंदगी का कुल... [पूरी पोस्ट]
writer डॉ .अनुराग

वही साली जिंदगी

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[11 Nov 2009 00:54 AM]

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