यूं तेरी रहगुज़र से दीवानावार गुज़रे : मीनाकुमारी के अशआर उन्हीं की आवाज़ में ।
मैंने अभी कुछ दिन पहले की अपनी पोस्ट में कहा था कि गीता रॉय की याद कभी भी आ सकती है, वही वाक्य मीना आपा के लिए दोहराना चाहता हूं । मीना कुमारी की याद कभी भी आ सकती है । उनके लिए हम तारीख़ों के मोहताज नहीं । ख़ूबसूरत लोग अपने साथ अपनी पीड़ा लेकर भी आते...
[पूरी पोस्ट]
yunus
मीना कुमारी
11
0
0
0
0
[31 Jul 2009 19:58 PM]



Shuffle








