रफ़ी साहब का एक अनमोल प्राइवेट गीत- मैंने सोचा था अगर मौत से पहले-पहले
मैं 'रेडियोवाणी' पर हमेशा कहता हूं कि महान कलाकारों की याद के लिए हम तारीख़ों के मोहताज नहीं होते । उनकी याद तो किसी भी वक्त और किसी भी बहाने से आ सकती है । पिछले तकरीबन एक महीने से रफ़ी साहब के गाने सुनने का मन करता रहा है और मैंने कुछ ऐसे गीत ख़ासतौर...
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yunus
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[02 Aug 2009 03:24 AM]



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