अठन्नी-सी ये जिंदगी : फिर रविवार-फिर गुलज़ार
कुछ गाने कैसे अनायास याद दिला दिए जाते हैं । 'फेसबुक' पर पवन झा ने आज लिखकर टांग दिया 'कभी चांद की तरह टपकी, कभी राह में पड़ी पाई, अठन्नी-सी ये जिंदगी' । और ये गाना अचानक हमारे ज़ेहन में ताज़ा हो गया । जहां तक याद आता है, मुंबई में हमारे...
[पूरी पोस्ट]
yunus
aththanni si zindagi
8
0
0
0
0
[09 Aug 2009 05:42 AM]



Shuffle








