तुम्हारा न्यूज सेंस तुम्हे मुबारक

उम्मीद है खबरों को लेकर खबरदार बनने का नाटक क्यों। क्यों नहीं परचून की दुकान या फिर शराब का ठेका। माफ कीजिएगा न्यूज सेंस आपका मरा है लोगों का नहीं। बारिश केवल दिल्ली और मुंबई में नहीं होती बरखूद्दार, लखनऊ और मुज्जफरपुर में भी होती है। सड़कें वहां भी भरती हैं, जाम... [पूरी पोस्ट]
writer सुबोध
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[10 Sep 2009 02:25 AM]

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