...जो विकसित तो न थे पर सुखी अवश्य थे...
आज फिर देश के ऐतिहासिक स्मारक पर प्रधान मंत्री जी का भाषण हुआ. बातें बहुत बडी बडी हुई. ठीक वैसे ही जैसे होती हैं. मैं कोई विश्लेषक नहीं और न ही कोई कोलमिस्ट हूं किं मैं इस भाषण पर टिप्पणी करूं. फिर मैं कौन हूं. जी हां यह सवाल सही है. मैं हूं एक आम आदमी....
[पूरी पोस्ट]
योगेश समदर्शी
5
0
0
0
0
[15 Aug 2009 08:53 AM]



Shuffle








