विदूषक

जो देखा भूलने से पहले पब में दो लोग अपने अपने होश को संभालते एक दूसरे को जोरों से बोलते, कुछ खास कहने की कोशिश करते हुए असफल होते हैं और जितना जोर से बोलते उतना ही सुनना कठिन हो जाता है अपने ही शोर को सुनते हुए. कौन है विदूषक इस कोलाहल में.फोटो ©मोहन राणा /2009... [पूरी पोस्ट]
writer मोहन राणा - Mohan Rana
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[29 Jul 2009 17:55 PM]

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