पिंक्कीया की पिनक
"कहते कहते माथा फिराया ना, त चट्ट से दू लप्पड़ धर देंगे. "चिचियाते रह जाएगी. "ओतना देरी से बोल रहे हैं कि जा के ललटेन जला के संझौत देखा दो. "एक्को बात पियार से माने इ लैकी, त अदमिये बन जाये.रोज जैसे इ भाषण सुन सुन के अब पिंकीया पर कोई असर नहीं होता. सब...
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विकास कुमार
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[15 Sep 2009 15:42 PM]



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