पैसे का क्या है

पहलू पैसे का क्या हैवो तो हाथ का मैल हैपता भी नहीं चलता और चिपकता जाता हैकाफी जम जाए तो भी नजर नहीं आतादेखने में बिल्कुल साफ दिखते हैं हाथमगर पानी में डालो तो समझ नहीं पड़ताकि कालिख इतनी कहां छिपी थीपैसे का क्या हैइधर से आता है उधर चला जाता हैघेर-घार लेकिन... [पूरी पोस्ट]
writer चंद्रभूषण

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[10 Sep 2009 09:29 AM]

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