यादें- क्या बात थी कि जो भी सुना अनसुना हुआ
पुरानी कई यादों को संजो कर ले आई हूँ इस बार भारत से। १८-१९ साल की उम्र में आकाशवाणी रायपुर से प्रसारित मेरी गाई ग़ज़लें पापा के पुराने टेप-रिकार्डर में मिली। साथ ही मिला एक पुराना पीला अख़बार। पापा ने कितने जतन से ये सब संभाल के रखा है।उन ग़ज़लों में से एक...
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मानसी
कुछ यूँ ही
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[27 Aug 2009 11:15 AM]



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