आओ , बरखा बून्दनिया
यह कला कृति श्रीमती सुशीला नरेंद्र शर्मा (मेरी अम्मा ) द्वारा हलदनकर आर्ट इंस्टिट्यूट में , बनाई गयी थी ।ऐसे बिजली और बरखा का तांडव प्रकृति दिखलाती है तब , सारे जीव, अपने अपने आश्रय खोज कर , साँस रोके , सहम जाते हैं और बरखा का जल , जीवनदायी होता है पर...
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लावण्यम्` ~ अन्तर्मन्`
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[29 Jul 2009 19:13 PM]



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