कई दुर्लभ चित्र :+ यादें : " शेष -अशेष " ( सम्पादकीय )
आज आपके लिए कई दुर्लभ चित्र लेकर पुन: उपस्थित हूँ -- समय का दरिया अपनी रवानी से बहता हुआ , हमारे अपनों को भी ले डूबता है और तब रह जातीं हैं ,सिर्फ यादें ............यही " शेष -अशेष " है...
[पूरी पोस्ट]
लावण्यम्` ~ अन्तर्मन्`
15
0
0
0
0
[02 Sep 2009 22:31 PM]



Shuffle








