वो ससुरा कछु समझत नाहीं

kavyakala एक समय एक गाँव में एक ज़मीनदार (शायद अंग्रेज़ी पढ़ा लिखा) रहता था जिसे गाना सुनने का बड़ा शौक था। जो भी उसके दरवाजे से निकलता था उनसे वह गाना सुनने का अनुरोध करता था। यदि किसी ने मना किया तो ज़ोर-जबर्दस्ती भी करता था। एक बार एक किसान दम्पति उसके घर के... [पूरी पोस्ट]
writer Laxmi N. Gupta
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[15 Sep 2009 14:31 PM]

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