ब्रजेश पाठक मौन - की स्मृति में रचा गया गीत

गीत सुनहरे ब्रजेश पाठक मौनमौन की वाणी मधुरथा मौन का हंसना मधुर,मौन का चिंतन प्रखरथे मौन के मुखरित अधर ?शून्य में है वह तिरोहितमुक्ति ले जन्मों का बंधन,याद रखना यादें संजोअब नही करना है क्रंदन .नीर न नयनों में लानास्मृतियों को चंदन बनाना,स्मृति पटल पर ओस कण सीतात की... [पूरी पोस्ट]
writer Kavi Kulwant

कुलवंत सिंह

views
14
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[27 Aug 2009 01:12 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix