कहो ना...
क्या सुनाई देती है.... तुम्हें मेरी आवाज़ आज भी...कहीं हवा में घुली- घुली सी....जब गुजरते हो तुम... यादों के गलियारे से.. क्या मेरी परछांईयां... तुम्हें वहां आज भी मिलती है...कहो ना... क्या आज भी शामिल है कहीं..मेरा संग तुम्हारी राह में..... क्या अब भी......
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memoriesकुछ कहा है तुम्हारे लिये..
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[09 Aug 2009 13:20 PM]



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