दाल में काला या पूरी दाल काली
प्रमोद ताम्बट प्रकांड बुद्धिजीवियों की तरह हम भी कभी आटा-दालजीवी नहीं रहे, न ही हमने इस तुच्छ कमोडिटी के भावों से कभी कोई वास्ता रखा। आराम से मिलती रही, बैठकर खाते रहे। परन्तु जिस दिन से दाल नब्बे रूपए किलो के चमत्कारिक आँकड़े पर पहुँची है, तब से औरों की...
[पूरी पोस्ट]
vyangya
व्यंग्य
16
1
0
1
0
[12 Sep 2009 07:14 AM]



Shuffle








