पल दो पल की शायरी...

मौत भी शायराना चाहता हूँ..! जो बीत गई वो बात गईसूरज निकला और रात गईअब जीने की ख्वाहिश क्या करनामरने की तमन्ना कौन करेजब प्यास बुझाने की खातिरप्यासा पनघट को जाता हैऐसे में प्यासा क्यों मरनाऔर... पानी-पानी कौन करे!...... [पूरी पोस्ट]
writer रामकृष्ण गौतम

पल दो पल का गीत

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[17 Dec 2009 14:26 PM]

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