राजेन्द्र अवस्थी जी का काल-चिंतन
राजेन्द्र अवस्थी चले गये । काल-चिंतन का विराट चिंतन सँजोये । कादम्बिनी में प्रकाशित उनके काल-चिंतन के बहुत-से अंश मेरे हृदय में पैबस्त होते गये हैं क्रमशः । आज काल को सहजतः समझने वाले उपक्रम को रचने वाला चिंतक काल-शून्य में उतर गया । हार्दिक व...
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हिमांशु । Himanshu
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[30 Dec 2009 21:42 PM]



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