दर्पण के टुकड़े
मेरी नजरो से तुम खुद को देखो खुद को जानो तुम तुम सा सुंदर कोई नहीं ये बात मेरी सच मानो तुम होंठ गुलाबी नयन शराबी रेशमी जुल्फें काले बाल बिना पीये ही झूम उठे देखे जो तेरी लहराती चाल सुडोल नयन नख्श तीखे चहरे पे गज़ब का नूर ऐसा लगता है धरती पे उतर आयी ज...
[पूरी पोस्ट]
Krishan lal "krishan"
18
0
0
0
0
[30 Dec 2009 07:40 AM]



Shuffle








