विदुर नीति-निर्दोष को सताने वाला सुख से नहीं रह सकता (nirdosh ko n sataeyn-hindu dharma sandesh)
निरर्थ कलह प्राज्ञो वर्जयन्मूढसेवितम्। कीर्ति च लभते लोके न चानर्थेन युज्यते।। हिन्दी में भावार्थ- बिना बात के कलह करना मूर्खो का कार्य है। बुद्धिमान पुरुषो को चाहिए कि वह इस बुराई से दूर रहें। बिना बात के विवाद करने से एक तो यश नहीं मिलता दूसरा अनेक...
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दीपक भारतदीप
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[30 Dec 2009 01:30 AM]



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