बेटी

KALAM KA KARAZ बेटी को गले लगाते हुए , इक बाप भी , घबराने लगा है ! कौन है तेरा, रिश्ते में क्या है , बताते हुए , कुछ हकलाने लगा है ! सहमा हुआ सा , अब लोरी के बदले , अखब़ार की ख़बरें , सुनाने लगा है ! अब दिल की, तस्सली को गोया , लड़कों के कपडे ,पहनाने लगा है ! इक बेटी... [पूरी पोस्ट]
writer sanjeev kuralia
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[29 Dec 2009 10:55 AM]

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