एक थी सारा ...

अमृता प्रीतम की याद में..... मैंने आसमान से एक तारा टूटते हुए देखा है ... बहुत तेजी से .आसमान के जिहन में एक जलती हुई लकीर खेंचता हुआ ,,लोग कहते हैं तो सच ही कहते होंगे कि उन्होंने कई बार टूटे हुए तारों की गर्म राख जमीन पर गिरते देखी है मैंने भी उस तारे की गर्म राख अपने दिल के आ... [पूरी पोस्ट]
writer रंजना [रंजू भाटिया]
views
28
upvote
4
downvote
0
rating
4
comments
10
[29 Dec 2009 03:48 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix