डा: कुमार विश्वास की एक रचना, कवि सम्मलेन को याद करते हुए......

ठुमरी क्या कवि सम्मेलनों का दौर ख़त्म होता जा रहा है, एक समय था जब छोटे छोटे शहरों में कवि सम्मेलनों और मुशायरों की वजह से शहर में चहल पहल खूब हुआ करता था, वाह वाह और मुक़र्रर का शोर... [पूरी पोस्ट]
writer vimal verma
views
46
upvote
5
downvote
0
rating
5
comments
11
[29 Dec 2009 02:54 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix