कब सुधरेंगे
बैंकडकैती, लूटपाट, मारपीट, बलात्कार, ठगी जैसे गंभीर अपराध होना अब आम बात हो गई है। अपराधी बिना खौफ वारदात को अंजाम दे रहे हैं और पुलिस है कि हाथ-पैर मारने के अलावा कुछ नहीं कर पा रही है। लुट-पिट रही जनता की पीड़ा सुनने वाला कोई नहीं है। पीड़ा बयां करे...
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ghanichokhi
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[03 Jun 2009 16:34 PM]



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