संघर्ष और जिद

कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी: Awakening of Crushed Ambitions मैं जानता हूँ कि इस घुप अंधेरे के पीछे कहीं मेरा सूरज छिपा है बस अभी आजाएगा रौशनी फैलाते हुए मुझे मालुम है कि इस तपते रेगिस्तान के पास कहीं, एक नदी का हरा भरा किनारा है बस अभी महसूस होगा, हवाएं ठंडी बहाते हुए मेरे ये हताश, निराश कदम एक छलावा हैं खुद... [पूरी पोस्ट]
writer Rahul Katyayan
views
3
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[06 May 2009 06:46 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix