...पर हकीकत क्या है?
आतंकी आते हैं और कहर बरपा कर चले जाते हैं। चाहे वह राष्ट्रीय राजधानी हो या कहीं और, हर जगह वह अपने खौफनाक इरादों को अंजाम देते हैं। फिर भी इनसे कड़ाई से निपटने के बजाए हमारे नेता एक-दूसरे पर दोषारोपण कर रहे हैं। इससे भले ही जनता को बरगलाकर वोट हासिल...
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सचिन मिश्रा
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[22 Nov 2008 10:50 AM]



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