FOR MY FATHER
बहती नदिया की धारा को जैसे अपने भीतर समाया है सागर ने , अपनों के प्यार और सम्मान को वैसे अपने भीतर संजोया है आपने ! आपके आदर्शों की परछाई तले पले-बढे है हम सभी , इन आदर्शों को साथ लिए जीवन जीना सिखाया है आपने ! आसमान की तरह ऊंची है आपके व्यक्तित्व की...
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sonal
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[24 May 2009 13:24 PM]



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