लोकहितवादी भक्त कवि: तुलसीदास

हिन्दी के चिराग हिन्दी साहित्य के भक्ति काल में भक्त कवियों ने अपने समाज और संस्कृति की रक्षा हेतु काव्य ग्रंथों की रचना की। इस काल में प्रवाहित होने वाली भक्ति काव्य धाराएँ सगुण काव्य तथा निर्गुण काव्य के रूप में दो हिस्सों में विभक्त थी। सगुण काव्य धारा की पुनः दो... [पूरी पोस्ट]
writer प्रमोद
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[19 Sep 2008 10:11 AM]

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