तंत्र - अविद्या

सत्यार्थ-प्रकाश तंत्र विद्या एक ऐसा ढोंग है जोकि मुर्ख वाम-मार्गियो से प्रारम्भ हुआ था और उसीकी एक शाखा है। जिस तरह शैव मत वाले शिव के लिंग की पूजा करते हैं वाम-मार्गी, देवी जो शिवजी की पत्नी है उसके उपासक हैं ये मुर्ख लोग क्वारी कन्या(१२-१६ वर्ष के मध्य उम्र) को नग... [पूरी पोस्ट]
writer सौरभ आत्रेय
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[26 Jan 2009 15:05 PM]

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